मागों को लेकर मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक विभाग के कार्यालय पर प्रदर्शन
देहरादून (ईएमएस)। एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल इंजीनियर्स एंड टेक्नीकल्स ने अपनी मांगों के समाधान के लिए मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक विभाग के तहसील स्थित कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भवन निर्माण रट विकास उपविधि उत्तराखण्ड (संशोधन 2023) में कुछ संशोधनों की नितान्त आवश्यकता है क्योंकि प्रस्तावित बायलेज एवं संशोधन बिना इंजीनियरों, ड्राफ्टमैनों तथा डिप्लोमा होल्डर्स से बिना सलाह लिए तथा एक वर्ग विशेष के ही हित के लिए बनाये गये हैं। वक्ताओं ने कहा कि हमारे देश की सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि स्किल्ड होगा इण्डिया तभी तो बढ़ेगा इण्डिया लेकिन यहाँ तो टाऊन प्लानिंग विभाग द्वारा समस्त इंजीनियरों ड्राफ्टमैनों तथा डिप्लोमा होल्डर्स को बेरोजगार करने की साजिश की जा रही है जब से प्राधिकरणों का गठन हुआ है तब से इंजीनियर ड्राफ्टमैन तथा डिप्लोमा होल्डर्स को सब प्रकार के मानचित्र बनाने की तथा स्वीकृत कराने की स्वतन्त्रता थी लेकिन 2016 में अध्यादेश के जरिए इंजीनियरों को दो हेक्टेयर तथा डिप्लोमा होल्डर्स एवं ड्राफ्टमैन को 250 वर्ग मीटर के दायरे में बांध दिया गया था और संशोधन 2023 में इसे भी खत्म करने की साजिश की जा रही है। वक्ताओं ने कहा कि एसोसिएशन है कि प्रस्तावित निर्माण एवं विकास उपविधि में कुछ नियमों को पूर्ववत रखा जाये। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ड्राफ्टमैनों तथा डिप्लोमा होल्डर्स को दी गई भवन मानचित्र स्वीकृत कराने की सीमा को पूर्ववत 250 वर्ग मीटर ही रखा जाय तथा इसमें 250 वर्ग मीटर तक के व्यवसायिक मानचित्र बनाने की भी स्वीकृति प्रदान की जाए। वक्ताओं ने कहा कि इंजीनियरों को मानचित्रीत कराने की सीमा को पूर्ववत दो हेक्टेयर ही रखा जाय। वक्ताओं ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में एकल आवास हेतु न्यूनतम प्लॉट एरिया 30 वर्ग मीटर ही रखा जाय और नाले से दूरी पूर्व पांच मीटर ही रखी जाय। मैदानी क्षेत्रों में ओपन पार्किंग 23 वर्ग मीटर के स्थान पर 13.75 वर्ग मीटर ही रखी 250 वर्ग मीटर, मल्टीपल यूनिट में पार्श्व सैटबैक दो मीटर तथा साईड सैटबैक 1.20 मीटर ही रखा जाए।
