आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया को बदल रहा: प्रो. पंत
रुड़की। अनुसंधान दिवस के तहत आईआईटी रुड़की, मेहता फैमिली स्कूल फॉर डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने एआई-नाउ एंड बियॉन्ड पर संगोष्ठी आयोजित की। संगोष्ठी का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में वृद्धि को मापना रहा। इसमें इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्टेशन से लेकर वर्चुअल असिस्टेंट तक के प्रयोग शामिल हैं। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो.पंत ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया को बदल रहा है।
आईआईटी रुड़की में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक प्रो. केके पंत, उप निदेशक प्रो. यूपी सिंह, इंफ्रास्ट्रक्चर के डीन प्रो. यूके शर्मा, हेड मेहता फैमिली स्कूल प्रो. दुर्गा तोषनीवाल की मौजूदगी में कार्यक्रम हुआ। सत्रों में एआई के क्षेत्र में अत्याधुनिक विकास पर चर्चा की गई। भविष्य को आकार देने में एआई की भूमिका के बारे में बताया गया। कैलिफोर्निया विवि सैन डिएगो, यूएसए के प्रो. शंकर सुब्रमण्यम ने बिग डेटा और एआई के बीच परस्पर क्रिया के बारे में बताया।
ऑक्सफोर्ड विवि के प्रो. नोएल बकले ने सेल फेनोटाइप्स को वर्गीकृत करने के मेटा-कार्यों को पूरा करने के लिए डीप लर्निंग और एआई के अनुप्रयोग के बारे में बताया। कैलिफोर्निया विवि के प्रो.राजेश गुप्ता, प्रो. अनंत ग्राम ने भी विचार रखे। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो.पंत ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया को बदल रहा है। समाज पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव अब तक काफी हद तक सकारात्मक रहा है। जिससे हमारे नियमित दिनचर्या में सुधार के लिए कई उद्योगों में डेटा को प्रभावी ढंग से संग्रहीत और विश्लेषण करने में सक्षम होने से जीवन आसान हो गया है।
प्रो. दुर्गा तोषनीवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस के अनुप्रयोग बहुत अधिक हैं। इसे मानव जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में अच्छे उपयोग के लिए रखा जा रहा है। संगोष्ठी एआई में कुछ महत्वपूर्ण शोध विकासों को प्रकाश में लाने का एक प्रयास है। जो समाज को प्रभावित करते हैं।
