जमानपुर में हुआ मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित
विकासनगर
सेलाकुई के शिव मंदिर जमनपुर में मंगलवार को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। बुरांश प्रोजेक्ट के तहत आयोजित शिविर में ग्रामीणों को मानसिक रोग के लक्षण और उपचार की जानकारी दी गई। बताया कि मानसिक रोग के लक्षण दिखाई महसूस होने पर मनोचिकित्सक से सलाह ली जानी जरूरी है। इसके साथ ही नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी मानसिक रोग के लक्षणों की जानकारी दी गई। बुरांश प्रोजेक्ट के कार्यकर्ता लक्ष्मण वालन ने बताया कि मानसिक रोग के लक्षण, हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। ये इस बात पर निर्भर करते हैं कि उसे कौन-सी मानसिक बीमारी है। मानसिक रोग किसी को भी हो सकता है, फिर चाहे वह आदमी हो या औरत, जवान हो या बुज़ुर्ग, पढ़ा-लिखा हो या अनपढ़, या चाहे वह किसी भी संस्कृति, जाति, धर्म और तबके का हो। बताया कि याददाश्त जाना, समय के साथ दिमाग का कम काम करना, ठीक से बोलने और समझने में परेशानी, बातें बनाना, भटकाव, शाम के समय भ्रम की स्थिति, सामान्य चीज़ें न पहचान पाना, सुध-बुध खोना, उदासी या दिलचस्पी खोने की सतत भावना जैसी गंभीर अवसाद की विशेषताएं कई व्यावहारिक और शारीरिक लक्षणों की ओर ले जा सकती हैं। उन्होंने मानसिक लक्षणों से बचाव की जानकारी देते हुए कहा कि देर तक सोने के कारण तनाव की शुरुआत सुबह से ही हो सकती है। चिकित्सकों का भी मानना है कि देर से उठने वाले लोगों का मेटाबॉलिज्म ठीक नहीं रहता है, जिससे उन्हें थकान, तनाव और उदासीनता अधिक सताती है। देर तक टीवी देखना तनाव और अवसाद की स्थिति तक पहुंचाने के लिए काफी है। उन्होंने कहा कि नियमित तौर पर आधा घंटा शारीरिक व्यायाम करना भी मानसिक रोग से बचा सकता है। इस दौरान गीता शाक्य, किरन शर्मा, ममता भंडारी, रीता शर्मा, तुलाराम जोशी, राजकुमार,सीता रानी, गौरी, प्रमिला, भावना आदि मौजूद रहे
