एकेश्वर-अमोठा मोटरमार्ग की सुध नहीं ले रहा कोई
पौड़ी
एकेश्वर-बग्याली-अमोठा मोटरमार्ग का डामरीकरण नहीं होने से ग्रामीणों को यातायात में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिससे ग्रामीणों में भारी रोष बना हुआ है। इस स्वतंत्रता सैनानी मार्ग को बने लगभग दो दशक बीत चुके हैं, लेकिन इस मार्ग की तब से किसी ने सुध नहीं ली है। यह संपर्क मार्ग क्षेत्र के लगभग दो दर्जन गांवों को ब्लॉक और जिला मुख्यालय से जोड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन से बार-बार अनुरोध करने के बाद भी इस मार्ग का डामरीकरण नहीं किया जा रहा है। ग्राम प्रधान कमलेश पसबोला का कहना है कि बीते विधानसभा चुनाव में लोगों ने सड़क नहीं तो वोट नहीं के तहत चुनाव का बहिष्कार किया था, लेकिन उस समय भी जनप्रतिनिधियों ने सड़क का डामरीकरण करने की बात कहकर चुनाव प्रक्रिया को पूर्ण करवा लिया था। पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोहर लाल पहाड़ी कहना है कि शासन-प्रशासन द्वारा बार-बार इस मार्ग की अनदेखी की जा रही है। जिससे इस मार्ग पर कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें अभी तक 3 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। कहा कि क्षेत्रीय विधायक सतपाल महाराज द्वारा बार-बार इस मार्ग के डामरीकरण का आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है।
इस मोटरमार्ग पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की ससुराल बग्याली भी पड़ता है। इस मार्ग के डामरीकरण के लिए क्षेत्रीय विधायक से लेकर अजीत डोभाल द्वारा संपर्क किया जा चुका है। बावजूद इस मार्ग के डामरीकरण को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह मार्ग पातल एकेश्वर, उच्चाकोट, नगरोली, कठूली, बचेली, बडोली, सियालकोट, किमोला, कठोली, मौला आदि गांव को ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ता है। ग्राम प्रधान बग्याली प्रभा देवी का कहना है कि मार्ग के खराब होने के चलते कई बार सरकार द्वारा संचालित 108 सेवा के वाहन भी इस मार्ग पर आने से इनकार करते हैं और दूसरा मार्ग अपनाकर लंबी दूरी तय करके मरीजों के पास पहुंचते हैं।
