दिव्यांग नावेद ने बीडीओ से की बैटरी चालित ट्राईसाईकिल देने की मांग
रुद्रपुर। दुश्वारियों से लड़ना नावेद से सीखिए। उनके जीवन में कई बाधाएं आई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। बचपन में पोलियों की शिकार ने उनको अपाहिज बना दिया। मगर उन्होंने शारीरिक कमी को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। दोनों पांवों व एक हाथ काम न करने के बावजूद उन्होंने ट्राइसाइकिल से फल सब्जी आदि ढोए। मजरा शीला निवासी नावेद पुत्र बहादुर (पेंटर) बचपन से ही पोलियो की बीमारी से ग्रसित है और पोलियो होने की वजह से हाथ और पैरों से भी लाचार हैं, लेकिन तमाम शारीरिक समस्याओं के बावजूद भी उसके हौसले कम नहीं हुए हैं। नावेद ने भीख मांगने के बजाय खुद की मेहनत से रोजी रोटी कमाने को ज्यादा बेहतर समझा। नावेद अपने परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहता इसलिए रोजाना वह ट्राई साइकल से ग्रामीण क्षेत्रों में कभी सब्जी तो कभी फल आदि बेचकर अपने पिता का हाथ बटा रहे हैं। उन्होंने बताया की किसी से भीख मांगने से बेहतर है खुद मेहनत कर के खाना। नावेद ने गदरपुर खंड विकास अधिकारी से बैटरी चलित ट्राईसाइकिल दिलाने की मांग की है।
