राजस्थान के अलवर में 300 साल पुराने मंदिर पर चला गहलोत का बुलडोजर
अलवर
दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाने को लेकर विवाद चल रहा है, तब राजस्थान के अलवर में विकास के नाम पर 300 साल पुराने मंदिर पर बुलडोजर चलाने पर बवाल हो गया है। हिन्दूवादी संगठनों का आरोप है, कि गहलोत सरकार ने साजिश के तहत मंदिर को तोड़वा दिया है। मामले में स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ कांग्रेस विधायक के खिलाफ केस दर्ज हो गया है।
20 अप्रैल को अलवर के राजगढ़ में स्थानीय प्रशासन की तरफ से टीम बुलडोजर लेकर पहुंची और सदियों पुराने मंदिर को जमींदोज कर दिया गया। गहलोत सरकार के राज में मंदिर पर बुलडोजर चल गया, तब शिवलिंग को ड्रील करके तोड़ा गया। विकास के नाम पर मंदिर पर बुलडोजर चलाने का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। जिस पर लोग गहलोत सरकार पर अपना गुस्सा निकाल रहे हैं।
भाजपा के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। मालवीय ने ट्वीट कर लिखा कि राजस्थान के अलवर में विकास के नाम पर तोड़ा गया 300 साल पुराना शिव मंदिर३करौली और जहांगीरपुरी पर आसूँ बहाना और हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुँचना, यहीं है कांग्रेस का सेक्युलरिजम। साथ ही एक और अन्य ट्वीट में मालवीय ने कहा कि 18 अप्रैल को राजस्थान के राजगढ़ कस्बे में बिना नोटिस प्रशासन ने 85 हिंदुओं के पक्के मकानों और दुकानों पर बुल्डोजर चला दिया।
वहीं मामले में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनीयां ने कहा कि 300 साल पुराना मंदिर अतिक्रमण कैसे हो सकता है। भाजपा अपनी टीम मौके पर भेज रही है, जो तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि विकास के नाम पर भगवान के मंदिर पर प्रहार करना बेहद दुखद है। उन्होंने इस लेकर राहुल गांधी पर भी निशाना साधकर कहा कि वह बदले की भावना के साथ वोट बैंक की पॉलिटिक्स को आगे बढ़ा रहे हैं।
भाजपा के एक अन्य नेता नवीन कुमार जिंदल ने कहा, जिस प्रकार मुगलों ने हिन्दू मंदिरों को तोड़ा उसी प्रकार 10 जनपथ के फरमान के बाद गहलोत 300 साल पुराने मंदिर में से ड्रील करवाके शिवलिंग को उखड़वा रहे हैं। पापियों भगवान से डरो..श्।
दूसरी तरफ भाजपा के आरोपों को कांग्रेस ने पूरी तरह से नकार दिया है। गहलोत सरकार के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि भाजपा नेता झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, राजगढ़ में नगरीय निकाय बोर्ड के चेयरमैन ने प्रस्ताव लाकर चौड़ीकरण कराया, इसकारण मंदिर और मकान गिराए गए। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई कानूनी दिक्कत नहीं हुई, तब दोबारा से मंदिर को बनवाया जाएगा।
