केरल का रहने वाला 24 साल का युवक अफगानिस्तान में फिदायीन हमले में मारा गया
नई दिल्ली
अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता आने के बाद इस्लामिक स्टेट खुरासान लगातार बड़े हमलों के द्वारा अपनी मौजूदगी दिखा रहा है। साथ ही साथ वॉइस ऑफ खुरासान नाम की प्रोपगैंडा मैगजीन जारी करके अपने एजेंडे के बारे में दुनिया को बता रहा है।
आईएसकेपी ने मैगजीन के दूसरे संस्करण में दावा किया है, कि भारत के केरल का रहने वाला 24 साल का लड़का अफगानिस्तान में फिदायीन हमले में मारा गया है। मैगजीन में दावा किया गया है, कि नजीब अल हिंदी नाम का नौजवान एम-टेक की डिग्री हासिल कर चुका था और केरल से हिजरा करने अफगानिस्तान के खुरासान प्रोवेंस में पहुंचा था। हालांकि मैगजीन में नजीब के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी गई है। न ही ये बताया गया है कि वह किन हालातों के बीच मरा है या उसकी मौत किस समय हुई।
मैगजीन के मुताबिक नजीब अल हिंदी आईएसकेपी के मुजाहिद्दीनों के बीच रहता था, नजीब की शादी पाकिस्तानी लड़की से हुई थी और शादी के कुछ दिन बाद ही नजीब अल हिंदी ने फिदायीन हमले के लिए खुद को तैयार किया था और बकायदा हमले को अंजाम भी दिया था। मैगजीन में किए गए दावे से खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, एनआईए सहित तमाम एजेंसियों के पास जो रिपोर्ट मौजूद है, उसमें कहा गया है कि केरल से तकरीबन 25 लोग जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। वहां आईएसआईएस ज्वाइन कर खुरासान में शिफ्ट कर गए थे। रिपोर्ट्स में कहा गया था कि इसमें कुछ लोग मारे भी गए थे, जबकि कुछ अफगानिस्तान की जेल में बंद हैं।
लेकिन नजीब अल हिंदी के फिदायीन हमले में मारे जाने की खबर से हड़कंप मचा है और फिर से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं की आखिर केरल या भारत के दूसरे इलाकों से कितने लोग सीरिया या अफगानिस्तान गए हैं।
बता दें कि आईएसकेपी मैगजीन में अपने पहले संस्करण में दावा किया था कि अगस्त 2021 में काबुल एयरपोर्ट पर फिदायीन हमला करने वाला नौजवान दिल्ली में एजेंसियों के हाथों उस वक्त गिरफ्तार हुआ था, जब वहां दिल्ली में बड़े फिदायीन हमले की तैयारी में जुटा हुआ था।जिसे भारतीय खुफिया एजेंसियों ने अफगानिस्तान डिपोर्ट कर दिया था।
