क्या उपेंद्र कुशवाहा को मंत्री बनाएंगे नीतीश कुमार
पटना…….
बिहार की राजनीति में यह बड़ी घटना है। एक पूरी की पूरी पार्टी का दूसरी पार्टी में विलय हो गया और इसके तुरंत बाद पहले वाली पार्टी के मुखिया रहे राजनेता को राज्य के उच्च सदन में भेज उसके मंत्री बनने का रास्ता साफ कर दिया गया। हम बात कर रहे हैं राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के जनता दल यूनाइटेड में विलय और उसके मुखिया रहे उपेंद्र कुशवाहा को बिहार विधान परिषद में भेजे जाने की। कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ, फिर विरोधी रहे कुशवाहा की इस घर वापसी के मायने तो अब तलाशे ही जाएंगे।
कहने को तो उपेंद्र कुशवाहा बिना शर्त जेडीयू में शामिल हुए हैं, लेकिन आते ही उन्हें जेडीयू संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बना दिया गया। फिर बुधवार को उन्हें राज्यपाल कोटे की सीट पर विधान पार्षद बनाया गया। ऐसे में प्रथमदृटया लगता है कि सबकुछ पहले से तय है। उनके विधान पार्षद बनने के बाद अब इस कयास को बल मिल रहा है कि आगे उन्हें बिहार सरकार में मंत्री का पद दिया जा सकता है। सवाल यह है कि जेडीयू कुशवाहा को इतनी तवज्जों क्यों दे रहा है
