पदाधिकारियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया
रुड़की। रुड़की में भाजपा में चल रहे घमासान के बीच प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट ने पदाधिकारियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। बंद कमरे में करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में उन्होंने राय सरकार की योजनाओं के बारे में बताने को कहा तो, कई पदाधिकारी योजना नहीं गिना सके। इसके बाद एक-एक कर कार्यकर्ताओं को बुलाया गया। भाजपा में पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा है। अंदरखाने चल रहा यह विवाद खुले मंचों पर भी आ गया। मुख्यमंत्री के शुक्रवार को रुड़की आने पर मंच पर स्वागत को लेकर भी गुटबाजी दिखी और अनुशासन टूटता रहा। इस विवाद के बीच मंगलवार शाम को प्रदेश महामंत्री सुरेश भट्ट रुड़की पहुंचे। नगर निगम सभागार में मंडल, मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ उन्होंने बैठक की। बैठक से मीडिया को दूर रखा गया और बंद कमरे में मीटिंग हुई। भाजपा के कई पदाधिकारी विवाद में खुलकर शिकायत करने की तैयारी में थे। लेकिन बैठक में किसी को भी बोलने का मौका नहीं मिल पाया। बैठक में प्रदेश महामंत्री और जिलाध्यक्ष ने पदाधिकारियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। केवल उन्होंने ही संबोधन किया। नाम प्रकाशित न करने के अनुरोध पर भाजपाइयों ने बताया कि मंच संचालन कर रहे मंडल स्तर के एक पदाधिकारी ने बैठक में मौजूद विधायक प्रदीप बत्रा का नाम नहीं लिया। इस बीच प्रदेश महामंत्री ने स्वागत कार्यक्रम बंद करने को कहा। प्रदेश महामंत्री ने वहां मौजूद पदाधिकारियों को प्रदेश सरकार की दस योजनाओं को बताने को कहा। चुनिंदा लोगों ने ही हाथ खड़े किए। उसके बाद पदाधिकारियों से परिचय पूछकर उनके दायित्व पूछे। प्रदेश महामंत्री ने अनुशासन का पाठ पढ़ाया और आगामी कार्यक्रमों में जुटने, बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने को कहा। जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि किसी की निजी टीम हो सकती है, लेकिन संगठन महत्वपूर्ण है। बैठक में पदाधिकारियों को शिकायत या अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला। इसके बाद प्रदेश महामंत्री मेयर के कक्ष में पहुंचे। कक्ष के अंदर वाले कमरे में एक-एक कर पदाधिकारियों को बुलाया गया। वहां पदाधिकारी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। हालांकि, खुलकर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि सीएम की सभा के मंच पर हुए घटनाक्रम के बारे में शिकायत की गई।
