पूर्व प्रधान/प्रतिनिधि की दबंगई,सरकारी कार्य मे बाधा डालने का आरोप लगा रहे ग्रामीण

सुल्तानपुर।
खबर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से है। जहाँ पूर्व प्रधान प्रतिनिधि की बंदर बाँट को ग्रामीणों ने उजागर कर दिया है,और तो और पूर्व प्रधान प्रतिनिधि की दबंगई इस कदर बढ़ गई है कि उनके ऊपर अब तो सरकारी कार्य होने में भी बाधा उत्तपन्न करने के आरोप लग रहे हैं।आइए आपको पूरे मामले से रूबरू कराते हैं।
दरसल मामला दूबेपुर विकास खंड के सौरमऊ देहात ग्राम सभा से जुड़ा बताया जा रहा है।जहाँ सौरमऊ देहात ग्रामसभा के ग्रामीणों की माने तो पूर्व प्रधान द्वारा शुरू कराए गए पंचायत भवन व आंगन बाड़ी केंद्र कार्य को बन्द करवाकर मौजूदा प्रधान द्वारा मनमाने तरीके से बिना ग्राम विकास समिति के प्रस्ताव के  अपनी ग्राम सभा में पंचायत भवन व आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।पूर्व में निर्माणाधीन उक्त कार्य में लगी सरकारी धनराशि का दुरुपयोग होता नजर आ रहा है। सरकारी पंचायत भवन के निर्माणाधीन जमीन पर पूर्व प्रधान/प्रतिनिधि की ऐड़ी निगाहें पहले से ही जमी हुई हैं,
वर्तमान में सरकारी पंचायत भवन के लिए निर्माणाधीन जमीन को अपने पूर्व के कार्यकाल में ग्रामीणों को दिखाकर उनके नाम पट्टा करा देने के एवज में लाखों रुपये वसूल कर लिए गए हैं।ये हम नही कह रहे हैं बल्कि जिस जिस से लाखों रुपये की ठगी की गई है वो चिल्ला चिल्लाकर अपना दर्द बयाँ कर रहा है।ग्रामसभा की जमीन दिखाकर पट्टा कराने के एवज में पूर्व प्रधान प्रतिनिधि श्याम नरायन उर्फ बड़कऊ पर लाखों  रुपये ऐंठने का आरोप लग रहा है।
अब जब कार्यकाल पूरा हो गया और हाथ से प्रधानी चली गई,चुनाव हुआ और दूसरे प्रत्याशी के सर पर प्रधानी का ताज सज गया,नव निर्वाचित ग्राम प्रधान ग्रामसभा मे होने वाले विकास कार्यो का खाका तैयार करने लगे।निकलकर सामने ये आया कि लगभग 7000 की आबादी वाली ग्राम सभा मे न ही पंचायत भवन और न ही आंगनबाड़ी केंद्र का भवन है। पहले से भवन निर्माण के लिए पूर्व प्रधान द्वारा तय किये गए (न कि राजस्व विभाग से ) स्थान लगभग 7000 की आबादी वाली ग्रामसभा के लिए प्रयाप्त नही है।ऐसे में वर्तमान प्रधान ने शासन व राजस्व विभाग से पंचायत भवन व आंगनबाड़ी केंद्र के लिए दूसरी प्रयाप्त जगह ग्रामसभा के अच्छे भविष्य के लिए स्वीकृति कराकर उस पर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया,पर ये पूर्व प्रधान/प्रतिनिधि को नागवार गुजरी,और नागवार क्यों न गुजरती,जो पूर्व प्रधान/प्रतिनिधि ने ग्रामीणों के बताने के अनुसार उसी निर्माणाधीन ग्रामसभा की जमीन को दिखाकर  उनके नाम पट्टा करा देने के नाम पर ग्रामीणों से जो लाखों रुपये ऐंठ चुके थे,अब जब उस जमीन पर सरकारी कार्य (पंचायत भवन निर्माण )होने लगा और लोगों द्वारा पूर्व प्रधान को जमीन पट्टा कराने के एवज में दी हुई रकम वापस मांगी जाने लगी तो वर्तमान प्रधान व गाँव वालों की माने तो पूर्व प्रधान प्रतिनिधि द्वारा हो रहे सरकारी कार्य मे बाधा उत्तपन्न किया जाने लगा,जिसका विरोध करने के लिए दर्जनों ग्रामीण व ग्रामीण महिलाएं निर्माणाधीन स्थल पर पहुँचकर पूर्व प्रधान के प्रति विरोध दर्ज कराया और जाँच कराकर सरकारी कार्य मे बाधा उत्तपन्न करने के आरोप में कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की माँग की है।
सी डी ओ अतुल वत्स प्रकरण पर हुए सख्त–
सरकारी कार्य मे पड़ेगी बाधा तो होगी विधिक कार्यवाही –मुख्य विकास अधिकारी
जब इस पूरे प्रकरण में जिले के मुख्य विकास अधिकारी(सी डी ओ) अतुल वत्स से बात की गई तो उन्होंने आश्वासन देते हुए अवगत कराया है कि ये प्रकरण उनके जानकारी में है।सौरमऊ देहात ग्राम सभा के नव निर्वाचित ग्राम प्रधान सरकारी जमीन जो कि पंचायत भवन के लिए आबंटित है उस पर पंचायत भवन व आंगनवाड़ी केंद्र के भवन का निर्माण करवाना चाहते हैं।लेकिन इसमे कुछ अन्य लोग जिसमे पूर्व प्रधान भी शामिल हैं,वो इस कार्य को रोक रहे हैं।प्रकरण में जिला पंचातय राज अधिकारी के द्वारा स्थलीय निरीक्षण करवाया गया।रिपोर्ट जो निकल कर आई उसमे सामने ये आया कि जहां पहले निर्माण कराया जा रहा था वहां जगह पर्याप्त नही थी,और जहां अब निर्माण कार्य कराया जा रहा है वहाँ जगह भी पर्याप्त है और साथ साथ उचित जगह भी है,इसलिए हमारे द्वारा जिला पंचातय राज अधिकारी को निर्देशित कर दिया गया है कि मौका मुआयना कर हमको लिखित में रिपोर्ट दें।तत्पश्चात अगर कोई सरकारी कार्य मे बाधा डालता है तो उसके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जाएगी।

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