पुल का काम शुरू न होने से गुस्साए लोगों ने किया प्रदर्शन
विकासनगर
ब्लॉक क्षेत्र के बीस गांवों को विकासनगर मुख्य बाजार से जोड़ने वाले पुल का करीब छह माह बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। आवाजाही में हो रही परेशानी से गुस्साए लोगों ने मंगलवार को पश्चिमीवाला में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जल्द इस पुल का निर्माण कार्य शुरू करवाने की मांग उठाई। इसके साथ ही बीते दिनों खाले में गिरने से हुई दो लोगों की मौत के लिए सरकारी तंत्र को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि इन हादसों के लिए जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे हिंदू जन जाग्रति संगठन के प्रदेश प्रवक्ता अरविंद शर्मा ने कहा कि पश्चिमीवाला में बरसाती खाले पर 1987 में तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग ने पुल बनवाया था। पुल को बने हुए तीन दशक ही हुए थे। पुल अभी मजबूत था, लेकिन सरकार ने करीब छह माह पहले इसे ध्वस्त करा दिया। अब पुल नहीं होने से ग्रामीणों को हर दिन परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल जाने के लिए चार किमी की अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ रही है। पुल को ध्वस्त करने के बाद खाले के पास सुरक्षा का इंतजाम न होने से यहां अक्सर दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। बीते एक माह में दो लोगों की खाले में गिरने से मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इन दो मौतों का जिम्मेदार सरकारी तंत्र है। कई बार सुबह-शाम की सैर को निकले बुजुर्ग भी खाले में गिर चुके हैं। पुल निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से लोग गुहार लगा चुके हैं। बावजूद इसके छह माह पूर्व पुल ध्वस्त करने के बाद अभी तक नए पुल के निर्माण को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। पुल नहीं होने से स्थानीय व्यापारियों का व्यापार भी ठप पड़ गया है। लोगों को निर्माण सामग्री समेत अन्य सामान लाने के लिए तीन गुना अधिक भाड़ा चुकाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने कहा कि किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उसे आधा किमी की दूरी पर मौजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक जाने के लिए करीब चार किमी की अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ती है। प्रदर्शन करने वालों में केके गौतम, सुशील साहू, मोहिनी ठाकुर, माला, सविता चौहान, संदीप थापा, मालती देवी, रमेश सिंह राणा, पार्वती देवी, प्रमिला ठाकुर, नमिता नेगी आदि शामिल रहे।
