किसानों के मार्च शुरू करने की तैयारी को देखते हुए दिल्ली में सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी

नई दिल्ली

21 फरवरी प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा बुधवार को दिल्ली की ओर नियोजित मार्च के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पड़ोसी राज्यों के साथ प्रमुख सीमा प्रवेश स्थलों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
कानून-व्यवस्था में किसी भी संभावित व्यवधान को रोकने के लिए टिकरी, सिंघू और गाजीपुर बॉर्डर के आसपास के इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने शहर की ओर किसानों के मार्च की आशंका को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ा दी है।
प्रस्तावित मार्च के कारण पहले ही दिल्ली-गुरुग्राम और दिल्ली-बहादुरगढ़ जैसे प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित है। पुलिस ने भारी सुरक्षा उपाय लागू किए हैं जिससे यात्रियों को देरी हो रही है। नियंत्रण बनाए रखने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन मार्गों पर अतिरिक्त चौकियां और बैरिकेड्स लगाए गए हैं।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीन सीमा बिंदुओं पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहने और किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने यात्रियों को भी चेतावनी दी है कि सुरक्षा उपाय लागू होने पर प्रभावित क्षेत्रों में यातायात जाम होने की आशंका है।
किसान यूनियन नेताओं ने सोमवार को सरकारी एजेंसियों द्वारा पांच साल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर दालें, मक्का और कपास खरीदने के केंद्र के प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह किसानों के हित में नहीं है।
यह घोषणा किसान नेता सरवन सिंह पंढेर और जगजीत सिंह दल्लेवाल ने पंजाब-हरियाणा की पंजाब-हरियाणा की शंभू सीमा पर पटियाला जिले में एक बैठक के बाद की।
तीन केंद्रीय मंत्रियों पीयूष गोयल, अर्जुन मुंडा और नित्यानंद राय – के एक पैनल ने रविवार को चंडीगढ़ में चौथे दौर की वार्ता के दौरान किसानों को यह प्रस्ताव दिया था।
इस बीच, किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने से रोकने के लिए, आरएएफ, एसएसबी, सीपीएफ सहित अर्धसैनिक बलों के साथ पुलिस को टिकरी, सिंघू और गाजीपुर सहित दिल्ली की सीमाओं पर तैनात किया गया है। संपर्क मार्गों पर सीमेंट के ब्लॉक और कील लगे पिकेट लगाए गए हैं।
दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू कर दी है। गतिविधियों पर नजऱ रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे जैसी निगरानी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।

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