जेल में बंद मनीष सिसौदिया को बड़ी राहत

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) नेता मनीष सिसौदिया की उपचारात्मक याचिका को सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें अब समाप्त हो चुकी दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 में कथित अनियमितताओं से संबंधित मामले में उनकी जमानत खारिज करने को चुनौती दी गई है।

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को कस्टडी पैरोल में सप्ताह में एक बार अपनी बीमार पत्नी से मिलने की इजाजत दी है। बैठक के दौरान डॉक्टर भी उनसे मिलेंगे। यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी। कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत पर सुनवाई 12 फरवरी को दोपहर 2 बजे तय की है। पूर्व डिप्टी सीएम ने कोर्ट में दावा किया कि उनकी पत्नी सीमा सिसौदिया मल्टीपल स्केलेरोसिस से पीड़ित होने के कारण जेल में उनसे मिलने में असमर्थ हैं।

इस बीच, विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को उत्पाद शुल्क नीति मामले की जांच के संबंध में विस्तृत स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) नेता मनीष सिसौदिया की उपचारात्मक याचिका को सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें अब समाप्त हो चुकी दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 में कथित अनियमितताओं से संबंधित मामले में उनकी जमानत खारिज करने को चुनौती दी गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश धनंजय वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने किसी विशेष तारीख का संकेत दिए बिना कहा इसे सूचीबद्ध किया जाएगा।

वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सूचीबद्ध करने के लिए सिसौदिया की नई याचिका का उल्लेख करते हुए कहा कि आप नेता करीब एक साल से जेल में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर में सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया और कहा कि थोक विक्रेताओं द्वारा किए गए ₹338 करोड़ के अप्रत्याशित लाभ का कम से कम एक आरोप अस्थायी रूप से स्थापित किया गया था। इसने मुकदमे को छह से आठ महीने में पूरा करने का आदेश देते समय प्रस्तुत किए गए तर्कों और सबूतों में छेद कर दिया। यदि कार्यवाही धीमी गति से चलती है तो अदालत ने सिसोदिया को तीन महीने में फिर से जमानत लेने की अनुमति दी।

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