कांग्रेस का संस्कृत महाविद्यालयों को बंद करने की साजिश रचने का आरोप


देहरादून

 कांग्रेस ने संस्कृत महाविद्यालयों को बंद करने की साजिश रचने का आरोप शासन पर लगाया। प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि हिंदुत्व की बात करने वाली भाजपा की सरकार ही हिंदुत्व के मूल संस्कृत महाविद्यालयों को बंद करना चाहती है। उन्होंने संस्कृत शिक्षा सचिव के निदेशक संस्कृत शिक्षा को भेजे आदेश पर सवाल उठाए। कहा कि आदेश के अनुसार अब प्रदेश के संस्कृत महाविद्यालय अपने को महाविद्यालय नहीं लिख पाएंगे। न ही अपने यहां स्नातक के कोर्स करवा पाएंगे। ये विद्यालय केवल उत्तर मध्यमा और पूर्व मध्यमा के ही कोर्स संचालित कर सकेंगे। इन विद्यालयों से संस्कृत महाविद्यालयों के बोर्ड भी बदलने को कहा गया है। बीच सत्र में इस तरह का तुगलकी फरमान पूरी तरह समझ से परे है। इन विद्यालयों में सरकार ने चार बार पैनल बनाकर निरीक्षण करवाया। पड़ताल कराई गई कि यह संस्कृत महाविद्यालय यूजीसी के मानक पूरे करते हैं या नहीं। निरीक्षण में सभी मानक पूरे पाए गए हैं। नई व्यवस्था में जो शिक्षक स्नातक के छात्रों को पढ़ा रहे हैं, उनका स्तर अचानक हाई स्कूल, इंटर का हो जाएगा। जो छात्र शास्त्री और अचार्य की पढ़ाई कर रहे हैं, उनके बारे में भी नहीं सोचा गया। इस आदेश का शिक्षक संघ और मैनेजमेंट लगातार विरोध कर रहे हैं। चेतावनी दी जा रही है कि यदि विद्यालयों में शास्त्री और आचार्य के कोर्स होगे, तो अनुदान बंद कर दिया जाएगा। इसका कांग्रेस विरोध करेगी।

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