दिवाली की छुट्टियों में गुजराती क्यों हिमाचल के बजाए उत्तराखंड और कश्मीर जाना चाहते हैं?


अहमदाबाद

दिवाली की छुट्टियों में बड़ी संख्या में गुजराती अन्य राज्यों में सैर सपाटे के लिए जाते हैंद्य हिमाचल प्रदेश का शिमला-मनानी गुजरातियों को पसंदीदा पर्यटन स्थल हैद्य लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार के एक फैसले ने उनका मूड़ बिगाड़ दिया और अब गुजराती उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जाने की योजना बना रहे हैंद्य दरअसल हिमाचल प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से आनेवाले यात्रियों पर भारी भरकम टैक्स लगा दिया है, जिसकी वजह से गुजरात के ट्रावेल्स एजंट हिमाचल प्रदेश का जाना टाल रहे हैंद्य हिमाचल प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट पर आनेवाले वाहनों पर प्रति दिन 3 से 6 हजार रुपए तक टैक्स लगाने का आदेश किया हैद्य हिमाचल सरकार के इस फैसले के बाद वहां जानेवाले गुजराती सैलानियों की संख्या 20 प्रतिशत की कमी आई हैद्य सरकार के इस फैसले का असर हिमाचल के पर्यटन उद्योग पर होगाद्य गौरतलब है प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश का पर्यटन उद्योग भी बुरी तरह प्रभावित हुआ हैद्य हिमाचल सरकार ने प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए रु. 4500 करोड़ का विशेष पैकेज तो जारी कर दिया है, लेकिन इस रकम को एकत्र करने के लिए अब लोगों पर भारी भरकम टैक्स लगा रही हैद्य यही कारण है कि अन्य राज्यों से आनेवाले वाहनों पर 3 से 6 हजार रुपए तक का टैक्स लगाने का फरमान जारी किया हैद्य हिमाचल सरकार के इस फैसले से सैलानियों की संख्या में कमी आएगी और दिवाली त्यौहारों के सीजन में मंदी का सामना करना पड़ सकता हैद्य शिमला होटल एन्ड टूरिजम के स्टेट होल्डर एसोसिएशन की मानें तो प्राकृतिक आपदा का हिमाचल प्रदेश के पर्यटन उद्योग पर बुरा असर हुआ हैद्य इससे पहले 2020 और 2021 के कोरोनाकाल के दौरान भी हिमाचल का पर्यटन कारोबार ठप रहा थाद्य आगामी दिवाली त्यौहारों को लेकर हिमाचल के व्यापारियों को काफी उम्मीद थीद्य दिवाली त्यौहारों पर गुजरात के अलावा पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल प्रदेश आते हैंद्य लेकिन सरकार का यात्रियों पर भारी भरकम टैक्स लगाने की वजह से गुजरात ट्रावेल्स एजन्ट हिमाचल प्रदेश जाना टाल रहे हैंद्य एसोसिएशन के मुताबिक गुजरात ही नही अन्य राज्यों के यात्री भी अब हिमाचल प्रदेश के बजाए उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर को प्राथमिकता दे रहे हैंद्य एसोसिएशन चाहता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को टैक्स हटाने पर विचार करना चाहिए, वर्ना राज्य के जीडीपी में 7 प्रतिशत का योगदान देनेवाला पर्यटन उद्योग तबाह हो जाएगाद्य दूसरी ओर ट्रावेल्स एजन्ट एसोसिएशन ऑफ पेन इंडिया ने गुजरात के पर्यटन मंत्री मूलुभाई बेरा से हिमाचल सरकार के साथ नया टैक्स हटाने के बारे में बातचीत करने का आग्रह किया हैद्य गुजरात से बड़ी संख्या में सैलानी हिमाचल प्रदेश जाते हैं, लेकिन वहां नया टैक्स लगाने से गुजरातियों को नुकसान हो रहा है

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