दीन-दुखियों के लिए समर्पण होना जरूरी: जया किशोरी
ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन गंगा तट पर प्रसिद्ध कथा व्यास जया किशोरी के मुख से नानी बाई का मायरा कथा का शुभारम्भ हुआ। विभिन्न राज्यों से आये श्रद्धालु इस दिव्य कथा का रसपान कर रहे हैं। शुक्रवार को कथा के शुभारंभ पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि मां गंगा के पावन तट पर एक रस गंगा प्रवाहित हो रही है। ये प्रसंग व दृश्य अद्भुत है। प्रभु कृपा से जीवन की यात्रा बड़ी ही प्यारी व दिव्यमय हो जाती है। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को कार देने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन उन्हें अच्छे संस्कार देना भी जरूरी है। यह संस्कारों की यात्रा बहुत जरूरी है। हम धनवान बनें परन्तु धर्मवान भी बनें। इस दौरान कथा वाचक जया किशोरी ने नरसीजी की कथा सुनाई। कहा कि हमें दीन-दुखियों के लिए समर्पण करना चाहिए। मौके पर नन्दकिशोर गोयल, नरेश, ललिता, नंदकिशोर, नूतन, राहुल सिंघल, खुशबू, सागर, प्राची आदि रहे।
