महिलाओं से घरेलू हिंसा सभ्य समाज पर कलंक: वरुणा
विकासनगर। बाल विकास परियोजना सहसपुर की ओर से मंगलवार को ब्लॉक मुख्यालय के सभागार में घरेलू हिंसा निवारण अधिनियम पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ ही ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया। महिलाओं को संबोधित करते हुए खंड विकास अधिकारी (प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी ) वरुणा अग्रवाल ने कहा कि घरेलू हिंसा सभ्य समाज पर एक कलंक है। इसे दूर करने के लिए खुद महिलाओं को ही आगे आना होगा। अपने अधिकारों को लेकर महिलाओं का जागरूक होना जरूरी है। कहा हिंसा करना अपराध है, लेकिन हिंसा को सहना और उसके खिलाफ आवाज नहीं उठाना भी अपराध है। उन्होंने कहा कि घर की चाहरदीवारी प्रत्येक व्यक्ति के लिए सुरक्षित मानी जाती है, जब चाहरदीवारी के अंदर ही महिला सुरक्षित नहीं रहेगी तो बाहर सुरक्षा की कल्पना करना बेमानी है। उन्होंने महिलाओं को घरेलू हिंसा के खिलाफ कानून में दिए गए प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही बताया कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। लिहाजा बेटियों को उच्च शिक्षित करना चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता गीता मौर्य ने महिलाओं को स्वरोजगार की योजनाओं की जानकारी दी। बाल विकास परियोजना अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने सरकार की ओर से महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया। इस दौरान रेखा भंडारी, गीता डिमरी, मंजू पुंडीर, कमलेश, परवीन, राजवती, अनिता कांबोज, सोनिया, अनिता पटवाल, सुषमा देवी, राधा पाठक आदि मौजूद रहे।
