धरने पर बैठे छात्र बोले, महाविद्यालय प्रशासन संवेदनहीन बना
विकासनगर। वीर शहीद केसरी चंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डाकपत्थर में छात्रों से संबंधित समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्र-छात्राएं धरने पर डटे हुए हैं। छात्रों का कहना है कि बीते पांच दिन से धरना प्रदर्शन करने के बावजूद उनकी मांगों को लेकर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। शुक्रवार को धरना दे रहे छात्रों ने बताया कि उनकी ओर से महाविद्यालय प्रशासन के सामने रखी गईं सभी मांगें छात्रों के हित में जायज हैं। इन मांगों के पूरा होने से ही छात्रों का भविष्य संवरेगा। बताया कि पहली मांग स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में सीट बढ़ाने की रखी गई है। इसका कारण यह है हर साल जितनी संख्या में छात्र प्रवेश लेने आते हैं, उससे आधी सीटें महाविद्यालय की ओर से निर्धारित की गई हैं। जिन छात्रों को प्रवेश मिलता है, उन्हें शिक्षण संबंधी सभी संसाधन मुहैया नहीं होते हैं। पुस्तकालय में छात्र संख्या के अनुपात में आधी से कम पुस्तकें हैं, जिससे सभी छात्र-छात्राओं को समय पर विषय संबंधी पाठ्य सामग्री नहीं मिलती है। कई विषयों में प्राध्यापकों के पद रिक्त हैं। बिना प्राध्यापक और बिना पाठ्यसामग्री के विषय संबंधी ज्ञान मिलना मुश्किल हो रहा है, जिसका असर परीक्षा के दौरान छात्रों पर साफ दिखाई देता है। महाविद्यालय में एक भी सफाई कर्मी तैनात नहीं है, जिससे अक्सर कक्षा कक्षों, शौचालयों और परिसर में गंदगी फैली रहती है। इन मांगों पर लंबे समय से कार्यवाही करने की गुजारिश की जा रही है, लेकिन महाविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं को लेकर संवेदनहीन बना हुआ है। धरना देने वालों में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष प्रेमचंद नौटियाल, पूर्व महासचिव अवनीश नौटियाल, रितेश सोनकर, आशीष बिष्ट, लक्ष्मी वर्मा, तुषार कपूर, अरुण भार्गव, राहुल तोमर, शिवानी चौहान, अमित तोमर, शिवानी गुलेरिया, अनुज, राज छेत्री, हिमांशु बिष्ट आदि शामिल रहे।
