भूस्खलन से घंटों बंद रहे चार एनएच, 15 पेयजल योजनाएं और 25 बिजली ट्रांसफार्मर भी रहे ठप
शिमला। हिमाचल प्रदेश में जारी भारी बारिश के बीच शुक्रवार को मंडी, चंबा, सिरमौर और कुल्लू जिले में चार नेशनल हाईवे कई घंटों तक बंद रहे। प्रदेश में 55 अन्य सड़कों पर वाहनों की आवाजाही थम गई है। 25 बिजली ट्रांसफार्मर और 15 पेयजल योजनाएं ठप होने से प्रदेश के कई क्षेत्रों में बिजली-पानी की समस्या गहरा गई है। धर्मशाला में गुरुवार रात को 111 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। मैक्लॉडगंज में भूस्खलन से दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं।
कांगड़ा, मंडी और शिमला जिले के कई क्षेत्रों में बादल झमाझम बरसे हैं। शनिवार को भी कई क्षेत्रों में बारिश के आसार जताए गए हैं। शुक्रवार शाम तक कुल्लू जिले में 34, मंडी में नौ, चंबा में सात, सोलन में तीन, कांगड़ा में दो सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। किन्नौर जिले में 15, चंबा में नौ, मंडी में दो बिजली ट्रांसफार्मर बंद रहे। चंबा में 14 और लाहौल-स्पीति में एक पेयजल योजना बंद रही। प्रदेश में जारी बरसात से मानसून सीजन के दौरान अभी तक 60,370 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है।
पांवटा साहिब-शिलाई एनएच 707 रात हुए भूस्खलन के चलते छह घंटे बंद रहा। गुरुवार रात 3:00 बजे बंद हुआ एनएच शुक्रवार सुबह 9:00 बजे आवाजाही के लिए बहाल हुआ। एनएच पर हेवणा के समीप रात को पहाड़ी दरकने से एक मशीन समेत कंपनी का कर्मचारी भी मलबे की चपेट में आ गया। घायल ओमप्रकाश को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में दाखिल किया गया है।
कुल्लू जिले में औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 जगह-जगह यातायात के लिए बंद रहा। निगम की बसों के साथ छोटे वाहन भी यहां फंसे रहे। बंजार में पुराने बस अड्डा में पार्क की गई स्कूटी चट्टान गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई। मंडी जिले में बारिश से मंडी-पठानकोट एनएच करीब दो घंटे बंद रहा।
सात मील के पास चंडीगढ़-मनाली भी दिनभर बाधित रहा। नाचन क्षेत्र की चैलचौक सब्जी मंडी में बारिश का पानी और मलबा घुस गया। करसोग में भी बारिश से मलबा सेब के बगीचों में घुस गया। चंबा में भारी बारिश से शुक्रवार को भरमौर-पठानकोट हाईवे पर करीब दो घंटे वाहनों की रफ्तार थम गई।
उधर, मैक्लॉडगंज की तिब्बतियन लाइब्रेरी के पास शुक्रवार सुबह करीब 4:00 बजे भूस्खलन होने से दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त होने के साथ सड़क पर लगभग सात घंटे यातायात ठप रहा। धर्मशाला-मैक्लाडगंज मार्ग पर कैंट एरिया में पेड़ गिरने से लगभग डेढ़ घंटे तक यातायात बंद रहा। शाहपुर विधानसभा के रिड़कमार-बोह सड़क संपर्क मार्ग पर भूस्खलन होने से यातायात लगभग 12 घंटे तक बंद रहा।
शुक्रवार सुबह ननखड़ी तहसील की बगलती पंचायत के खड़ेला गांव में पहाड़ी दरकने से इसकी चपेट में एक मंजिला मकान आ गया। घटना के समय घर पर कोई नहीं था। सतलुज में उफान के कारण शनिधाम मंदिर खतरे की जद में आ गया है। शनिधाम और इसके साथ लगते मंदिर में दरारें आ गई हैं। ठियोग उपमंडल की कई पंचायतों में सड़कें और खेत बह गए हैं। गांव बलेच में एक नेपाली का डेरा ढह गया। उसे आईजीएमसी शिमला में दाखिल करवाया है। सरोग पंचायत के गांव कथेलड़ी में राजीव वर्मा का 300 सेब के पेड़ों का बगीचा भूस्खलन से बरबाद हो गया।
