संघ का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति निर्माण: कुँवर रोहिताश’
हरिद्वार। सरस्वती विद्या मंदिर सेक्टर-2 में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सात दिवसीय प्राथमिक प्रशिक्षण वर्ग में 16 से 65 वर्ष आयु के स्वयंसेवक प्रतिभाग कर रहे है। जिन्हें संघ के प्रशिक्षित 18 स्वयंसेवक शिक्षित कर रहे है। वर्ग की व्यवस्था में 24 स्वयंसेवक लगे है। जो दिन-रात वर्ग में रहकर कार्य कर रहे है। 9 जनवरी 2022 को दोपहर भोजन के उपरांत दीक्षांत समारोह होगा। जिसमे स्वयंसेवक सात दिन तक हुए प्रशिक्षण का प्रदर्शन करेंगे तथा वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।
आरएसएस के जिला संचालक व वर्ग के पालक कुँवर रोहिताश ने बताया कि सात दिन तक चलने वाले प्राथमिक प्रशिक्षण वर्ग में जिले से 148 स्वयंसेवक प्रतिभाग कर रहे है। सात दिन तक दिन रात वर्ग में रहकर स्वयंसेवको को संघ राष्ट्र के प्रति समर्पण, अनुशासन, संयम, शिष्टाचार के अलावा स्वयंसेवको का शारीरिक व बौद्धिक विकास होगा। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज को संगठित करने के लिए युवाओं में जागृति जरूरी है। आज युवा समाज मे फैली विकृतियों से प्रभावित होकर राह भटक रहे है। युवाओं को भटकाव से रोकने के लिए संघ महत्वपूर्ण भूमिका में है। संघ के माध्यम से व्यक्ति निर्माण की सतत प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि समाजिक समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण संघ के शिक्षा वर्ग है। जहां पर बिना किसी भेद भाव के सभी सामूहिक रूप से रहते है, भोजन करते है। भोजन की व्यवस्था पर उन्होंने बताया कि वर्ग में प्रति दिन नगर से विभिनन क्षेत्रों से घर घर से रोटी इकट्टी की जाती है। जो भोजन के समय वितरित की जाती है। उन्होंने कहा कि यदि संघ को जानना देखना हो तो एक बार वर्ग में जरूर आये। वर्ग में विभाग प्रचारक चिरंजीवी, जिला प्रचारक अमित कुमार, वर्गाधिकारी एडवोकेट तरसेम सिंह चौहान, वर्ग सर्व व्यवस्था प्रमुख अजय शर्मा, बौद्धिक प्रमुख दीपक भारती, वर्ग कार्यवाह देवेश वशिष्ठ, मुख्य शिक्षक राधेश्याम, अभिषेक जमदग्नि, नगर प्रचारक रमेश मुखर्जी, देशराज शर्मा आदि मुख्य रूप से व्यवस्था में लगे हुए है।
