मंडी शुल्क और लाइसेंस के  विरोध में उतरे व्यापारी

रुड़की।  प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने मंडी शुल्क और मंडी से लाइसेंस लेने की व्यवस्था का विरोध किया है। इस मामले में व्यापारियों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जेएम अंशुल सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे ज्ञापन में व्यापारियों ने बताया कि पिछले साल जून में मंडी स्थल से बाहर व्यापार कर रहे खाद्यान्न, गल्ला, दाल, दलहन, गुड़, किराना, लकड़ी आदि का थोक व्यापारियों पर मंडी लाइसेंस और मंडी शुल्क समाप्त कर दिया था। अब राज्य सरकार ने फिर मंडी समिति की ओर से स्थापित मंडी स्थल से बाहर थोक व्यापार करने वाले व्यापारियों मंडी शुल्क और मंडी लाइसेंस प्रणाली को लागू कर दिया है। इसका व्यापारी लगातार विरोध कर रहे हैं। व्यापार मंडल ने कहा कि प्रवेश पर्ची, गेट पास जैसी कई जटिल प्रक्रिया से पहले कारोबारी मुक्त हो गए थे। अब पुरानी व्यवस्था लागू होने से व्यापारियों पर इंस्पेक्टर राज लागू होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस आदेश से महंगाई बढ़ेगी। व्यापारियों और आम जनता के हितों को देखते हुए मंडी शुल्क और लाइसेंस लेने का आदेश वापस लेने की मांग की। कहा कि ऐसा नहीं होने पर व्यापारी आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस दौरान अजय गुप्ता, नितिन शर्मा, धीर सिंह, रामगोपाल कंसल, अनुज अग्रवाल, दीपक अरोड़ा, कविश मित्तल, रतन अग्रवाल, अमित अग्रवाल, आकाश गोयल, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।

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