पशुपालन को आर्थिकी का जरिया बनाएं ग्रामीण
विकासनगर।
कालसी ब्लॉक के कोरुवा में पशु पालन विभाग की ओर से आयोजित एक दिवसीय पशु प्रदर्शनी में ग्रामीणों को उत्तम नस्ल, स्वस्थ पशुओं के रखरखाव के लिए उन्हें सम्मानित करने के साथ ही आर्थिक संसाधनों की वृद्धि के लिए पशुपालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने को प्रेरित किया गया। पशु चिकित्सकों ने पशुओं में फैलने वाली बीमारियों के लक्षण और उपचार की जानकारी दी। मंगलवार को प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए पशु चिकित्सक डा. वरुण अग्रवाल ने कहा कि पशु किसान के लिए जीवन का आधार होने के साथ ही परिवार का अंग भी हैं। पशुओं से खेती में सहायता मिलने के साथ ही काश्तकार उनसे आर्थिक संसाधनों में वृद्धि भी करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भेड़-बकरी पालन को आर्थिकी का मुख्य जरिया बनाकर कुटीर उद्योगों की स्थापना की जानी चाहिए। जिनसे ऊनी वस्त्रों का निर्माण कर उन्हें बाजार में मुहैया कराया जाए। इसके साथ ही उत्तम नस्ल की गाय और भैंस पालकर स्थानीय स्तर पर डेयरी व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रचित विश्नोई ने मानव में फैलने वाले पशुजन्य बीमारी रेबीज, टीबी, बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू के लक्षण व बचाव की जानकारी देते हुए बीमारियों के संचरण को रोकने के उपाय बताए। जबकि, पशुधन प्रसार अधिकारी योगेश सेमवाल ने पशुओं में होने वाली खुरपका, मुंहपका, गलघोंटू सहित अन्य बीमारियों के लक्षण व उपाय की जानकारी दी। प्रदर्शनी में 58 पशुपालकों ने भाग लिया।इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष गीता राम तोमर, ग्राम प्रधान निशा तोमर, प्रदीप ढौंढियाल, संजय, अनिल भट्ट, राकेश भट्ट, अहमद, भगवान ओझा आदि मौजूद रहे।
