6माह से रुकी दाखिल खारिज प्रक्रिया को लेकर यूकेडी का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, डीएम को ज्ञापन सौंपा
देहरादून।
हाईकोर्ट में दायर एक रिट में दिए गए आदेश के आधार पर दून के राजस्व ग्रामों में दाखिल खारिज प्रक्रिया छह माह से रुकी हुई है। जिससे जनता को बहुत परेशानी झेलनी पड़ रही है। यूकेडी ने इस मुद्दे को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन सौंपा।
यूकेडी केन्द्रीय प्रवक्ता विजय बोड़ाई ने बताया कि लोगों द्वारा क्रय भूखंडों के दाखिल खारिज न होने से न तो बैकों से लोन मिल पा रहा है और न ही एमडीडीए से मानचित्र स्वीकृत हो पा रहे हैं। बड़ी मुश्किल से क्रय किये गए प्लॉटों के दाखिल खारिज न होने से भूमि के क्रय विक्रय में भी धोखाधड़ी होने की सम्भावना बढ़ गयी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सत्ता के नशे में इतनी मदमस्त है कि जनता की परेशानी की उसको कोई परवाह नहीं। महाधिवक्ता ने सरकार को उच्च न्यायालय के गत वर्ष 16 दिसम्बर के आदेश के विरुद्ध अपील दायर करने की राय दी थी, लेकिन अभी तक सरकार ने उच्चतम न्यायालय में अपील दायर नहीं की है। शासन ने जिलाधिकारी को एक आदेश देकर दाखिल खारिज प्रक्रिया शुरू करने को कहा था, लेकिन अध्यक्ष राजस्व परिषद ने महाधिवक्ता उच्च न्यायालय की राय को आधार बनाकर दाखिल खारिज प्रक्रिया शुरू करने से मना कर दिया। ज्ञापन में दून नगर निगम के तहत राजस्व ग्रामों में भू राजस्व अधिनियम के तहत दाखिल खारिज प्रक्रिया को शुरू करने के लिए हाईकोर्ट में अपील दायर करने, जल्द दाखिल प्रक्रिया शुरू करने,तहसीलदार, नायब तहसीलदार की कमी दूर कर, तहसीलों में राजस्व वादों का निस्तारण के लिए उप जिलाधिकारी व तहसीलदारों को निर्देश देने, तहसील दिवसों में सभी विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक, रजिस्ट्रार कानूनगो की हड़ताल पर फैसला लेने की मांग की गई है। मौके पर मनोज मिश्रा, राजेन्द्र सिंह, भानु जोशी, मानवेन्द्र सिंह रावत, एसएन बिष्ट, कार्यकारी अध्यक्ष महानगर किरन रावत, गायत्री, मुकेश कुन्द्रा, सागर पंवार, प्रशांत अग्रवाल, ललित पांडे, राजेंद्र आदि शामिल रहे।
