अतिथि शिक्षकों ने डीएम से कहा – हालात समझिए, ड्यूटी से दीजिए मुक्ति

टिहरी

जिले के 9 ब्लॉकों में कार्यरत माध्यमिक अतिथि शिक्षकों ने जिला अधिकारी टिहरी से मुलाकात कर आगामी पंचायत चुनावों में ड्यूटी से मुक्त रखने का अनुरोध किया। शिक्षकों ने मांग की कि आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्हें निर्वाचन कार्यों में न लगाया जाए।

शिक्षकों ने बताया कि उन्हें इस वर्ष शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन अवकाशों का मानदेय नहीं मिला है, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। पूर्व वर्षों में यह मानदेय नियमित रूप से दिया जाता था, लेकिन इस बार कटौती ने उनकी परेशानियों को बढ़ा दिया है।

अतिथि शिक्षक संगठन की टिहरी इकाई की उपाध्यक्ष उषा भट्ट, कोषाध्यक्ष सुमन भट्ट, और सदस्यों दीपा बिष्ट, अमित कंडवाल, धनी कंडवाल व अखिलेश गौर ने बताया कि अतिथि शिक्षकों के लिए कोई बीमा योजना भी नहीं है। पूर्व में कई शिक्षक चुनाव ड्यूटी के दौरान दुर्घटना के शिकार हुए, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिली।

शिक्षकों ने यह भी कहा कि वर्तमान में वे प्रवक्ता एवं सहायक अध्यापक के पदों पर कार्यरत हैं, बावजूद इसके निर्वाचन ड्यूटी में उन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं, जो उनकी शैक्षिक योग्यता और पद की गरिमा के खिलाफ है।

अतिथि शिक्षकों ने जिला अधिकारी से मांग की कि मानवीय आधार पर उनकी स्थिति को समझते हुए पंचायत चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया जाए और उनके सुरक्षित भविष्य को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *