भिंड की एक कालोनी में अंधेरे में रहने को मजबूर कई परिवार

भिंड …….

भिंड रेलवे लाइन के पास बनी दलित बस्ती कुमरौआ कॉलोनी को करीब 20 साल का समय हो चुका है. बावजूद इसके बिजली विभाग की ओर से आज तक यहां लाइन विस्तार का काम नहीं किया गया. जिसकी वजह से यहां के लोगों को बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है. इस वजह से ये लोग कटिया मारकर चोरी की बिजली जलाने को मजबूर हैं. जबकि जिन लोगों ने बिजली का कनेक्शन लिया है, वे दूसरे इलाकों से कटिया मारकर बिजली जला रहे हैं. वहीं, इस दौरान अगर बिजली विभाग की नजर कटिया पर पड़ती है तो, वे तार काटकर उठा ले जाते हैं. जिसकी वजह से लोगों को हफ्तों तक अंधेरे में काम चलाना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसकी शिकायत वे कई बार बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों से कर चुके हैं. इसके बावजूद भी यहां पर बिजली लाइन का विस्तार नहीं किया जा रहा है. जिसकी वजह से उन्हें दोहरा नुकसान हो रहा है. जहां बिजली विभाग से कनेक्शन होने की वजह से उन्हें बिल भुगतान करना पड़ता है, वहीं तार ना होने से उन्हें एक प्राइवेट कनेक्शन धारी के ट्यूबेल से तार डालना पड़ता है. इसके एवज में उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपए का भुगतान भी करना पड़ता है. साथ ही आधा किलोमीटर की दूरी होने से लाइट वोल्टेज ना के बराबर आती है।
इस संबंध में जब बिजली विभाग के महाप्रबंधक दिनेश सुखीजा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि भिंड में लोग कहीं भी घर बना लेते हैं. जिसकी वजह से उन्हें परेशानी होती है. साथ ही इन जगहों पर वर्तमान में लाइन विस्तार की कोई योजना भी नहीं है. अगर स्थानीय लोग चाहें तो स्वयं के खर्च पर लाइन डलवा सकते हैं।
वहीं, इस मामले को लेकर कांग्रेस जिला प्रवक्ता अनिल भारद्वाज ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी लगातार स्थानीय लोगों को परेशान कर रहे हैं. ऐसे में इस तरह के अधिकारियों को यहां से हटा देना चाहिए. साथ ही उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार इनकी समस्याओं का हल जल्द से जल्द नहीं करती है तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन करेगी।

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