विकास ही बन रहा पहाड़ों के विनाश का कारण
विकासनगर। अक्षांश फाउंडेशन उत्तराखंड के निदेशक ने जोशीमठ की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि पहाड़ों के लिए विकास ही विनाश का कारण बन रहा है। विकास योजनाओं को लागू करने से पहले भू गर्भिक अध्ययन किया जाना जरूरी है। सोमवार को सेलाकुई के एक वेडिंग प्वाइंट में मीडिया से वार्ता करते हुए फाउंडेशन के निदेशक रियासत खान रियाज ने कहा कि उत्तराखंड में पिछले कई दशकों से विकास काल बनकर सामने आया है। पहाड़ों में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की महत्वाकांक्षी परियोजनाएं बहुत सी आपदाओं से रूबरू करा चुकी हैं। सुरंगों और बड़े बांधों के निर्माण ने भी आपदाओं को खुला निमंत्रण दिया है। कहा कि पलायन को बनाई जा रही विकास योजनाएं ही बीते एक दशक में पहाड़ों से पलायन का सबसे बड़ी वजह साबित हो रही हैं। ताजा उदाहरण जोशीमठ का है, जहां से बड़ी आबादी पलायन करने को मजबूर हो गई है। उन्होंने कि सरकार की इन विकास परियोजनाओं की कीमत स्थानीय जनमानस को भुगतनी पड़ रही है। कहा कि जल्दबाजी में लिए गए निर्णय पहाड़ों को खाली करने वाला साबित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।
