मंडी शुल्क के विरोध में बंद रही लकड़ी मंडी
काशीपुर।
दोबारा से शुरू किये गये मंडी शुल्क के विरोध में लकड़ी मंडी बंद रही। व्यापारियों ने जुलूस निकालकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मंडी शुल्क समाप्त करने की मांग की। पिछले दिनों कैबिनेट बैठक के बाद मंडी शुल्क को दोबारा शुरू कर दिया गया है। इसके चलते लकड़ी कारोबार से जुड़े परेशान हो गये। मंगलवार को लकड़ी व्यापार मंडल अध्यक्ष शाहनवाज आलम के आह्वान पर लकड़ी मंडी में दुकानें, आरा मशीन एवं इससे जुड़े कारखाने बंद रहे। व्यापारियों ने लकड़ी मंडी चौराहे पर एकत्र होकर एसडीएम कार्यालय तक जुलूस निकाला। साथ ही मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन एसडीएम सीमा विश्वकर्मा को सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि टिंबर पर 18 प्रतिशत जीएसटी कर वसूला जाता है। जबकि जीएसटी कानून एक राष्ट्र, एक कानून की अवधारणा पर आधारित है। इस अवधारणा को ध्यान में रखते हुए टिंबर की खरीद और बिक्री पर मंडी कर नहीं लगना चाहिए। दोहरा कर टिंबर की कीमत को बढ़ा रहा है। हिमाचल, मध्य प्रदेश, उड़ीसा की तरह उत्तराखंड को भी टिंबर की खरीद और बिक्री पर मंडी शुल्क से मुक्त किया जाए। राजस्थान सरकार ने भी बीते 40 वर्षों से चल रही मंडी शुल्क की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि मंडी शुल्क राज्य शुल्क है। इस कानून में संशोधन कर मंडी शुल्क खत्म करने की व्यवस्था की जाए।
