आईआईटी रुड़की और नोएडा की टीम ने किया उद्योगों का अध्ययन
काशीपुर।
उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने नोएडा से आई लैब की टीम के साथ महुआखेड़ा गंज स्थित लैड पुरानी बैटरी से धातु निकालने वाले उद्योगों का स्थलीय निरीक्षण कर वैज्ञानिक अध्ययन किया।
महुआखेड़ा गंज में पुरानी बैटरी से धातु निकालने के लिए लगभग 26 उद्योग लगे हुए हैं। लगभग एक साल पहले तक कुछ उद्योग खुले में बैटरियों को जलाकर धातु निकाल रहे थे। इससे उद्योगों के पास रहने वाले लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जब लोगों ने इस मामले की शिकायत की तब पीसीबी की टीम ने इन उद्योगों को निरीक्षण करने के बाद बंद करा दिया था। उद्योगों का संचालन करने वालों को पीसीबी के मानकों का पालन करने को कहा था।
शुक्रवार को आईआईटी रुड़की से आए असिस्टेंट प्रो.भानू प्रकाश, नोएडा से आई एक टेस्टिंग लैब की टीम व पीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालय से क्षेत्रीय अधिकारी नरेश गोस्वामी, अवर अभियंता सुनील आर्या, डिजाइन सेंटर की प्रभारी कुमकुम ने महुआखेड़ा गंज स्थित उद्योगों का निरीक्षण किया। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी नरेश गोस्वामी ने बताया पुरानी बैटरी से धातु निकालने वाले उद्योगों पर रोक लगाई गई थी। साथ ही उद्योग संचालकों को मानकों को पूरा करने को कहा गया था। अब इसमें क्या सुधार है या इन उद्योगों ने मानकों को कितना पूरा किया है? इसकी संयुक्त टीम के द्वारा जांच की जा रही है।
क्षेत्रीय पीसीबी अधिकारी ने बताया वैज्ञानिक अध्ययन कर यह देखा जा रहा है कि इन उद्योगों को आगे चलाने की अनुमति दी जाए या नहीं? उन्होंने कहा मानकों को पूरा करने वाले उद्योगों को चलाने वालों को ही अनुमति दी जाएगी। टीम तीन दिन तक वैज्ञानिक अध्ययन करेगी।
