आईसीडी और सीएफएस को बंद करने की प्रक्रिया चार महीने में होगी पूरी
नईदिल्ली।
देश में इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी) और आयात-निर्यात संबंधी गोदाम वाले कंटेनर फ्रेट स्टेशनों (सीएफएस) के अभिरक्षकों को राहत पहुंचाने के लिये केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने आज तय कर दिया कि अधिकतम चार महीनों में इन सुविधाओं को बंद करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाये। इसके पहले कोई समय-सीमा तय नहीं थी।
आईसीडी और सीएफएस, आयात-निर्यात व्यापारिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे आयात और निर्यात किये जाने वाले माल का भंडारण करते हैं तथा उन्हें क्लियरेंस देते हैं। इन सुविधाओं को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत अधिसूचित किया गया है और इसका प्रशासन सीमा शुल्क अधिकारियों के हाथों में है। बहरहाल, कभी-कभार ऐसा भी होता है कि अभिरक्षक सुविधाओं को बंद (गैर-अधिसूचित) करना चाहता है। अधिसूचना वापस लेने के लिये यह शर्त है कि सुविधा के बंद होने से पहले आयात/निर्यात संबंधी बिना क्लियरेंस वाले, जब्त किये गये और कुर्क किये गये माल का निपटारा हो जाये। सीबीआईसी के ध्यान में आया है कि इस प्रक्रिया में बहुत समय लगता है, जिसके कारण उनको कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
अब जो अभिरक्षक परिचालन बंद करना चाहता है, उसे आईसीडी/सीएफएस की अधिसूचना वापस लेने के लिये प्रार्थना-पत्र देना होगा। यह प्रार्थना-पत्र प्रमुख सीमा शुल्क आयुक्त/आयुक्त को दिया जायेगा। उसके बाद उप/सहायक सीमा शुल्क आयुक्त के स्तर का एक नोडल अधिकारी अधिसूचना वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करेगा तथा उपरोक्त सुविधा में पड़े माल का निपटारा तय समय-सीमा में पूरा करेगा।
नई प्रक्रिया से बेवजह के खर्चे और समय की बचत होगी। सबसे अहम बात यह है कि अधिसूचना वापस लेने की प्रक्रिया आवेदन के प्राप्त होने की तारीख से चार महीने में पूरी कर लेनी है। यह सीबीआईसी द्वारा उठाया गया व्यापार सुविधा का एक और कदम है।
